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मजदूर हरी की कहानी !!

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मजदूर हरि की कहानी !! प्रणाम,                                            नमस्कार दोस्तों मैं मोहन रावत आज आपके लिए नई कहानी लेकर आया हूँ |यह कहानी है हरि नाम के एक मजदूर की, हरि की उम्र तकरीबन 7 साल थी | हरि रामपुर नामक के गांव में रहता था|रामपुर उस समय काफी खुसहाल गावँ था| गावँ  के लोग बड़े खुशमिजाज थे|  हर कोई अपनी मजदूरी,  खेती, व्यापार इन्हीं चीजों में व्यस्त रहता था| हर साल गांव में मेला होता था,  नए-नए त्योहार मनाए जाते थे| करीबन 10 साल की उम्र में हरि के माता-पिता उसे छोड़ स्वर्ग सिधार गए थे, तब से हरि अकेला ही जीता था| जहां मिले वहां खाता था, जहां मिले वहां सो जाता था| हरि के पिता ने गांव के साहूकार से काफी कर्ज़ लेकर रखा था| वह कर्जा चुकाने के लिए साहूकार ने हरि को अपने यहां काम पर रख लिया था,  हरि के पास ना अपनी खेती थी ना कोई व्यापार था| हरि साहूकार के नीचे काम करते-करते न जाने कब बड़ा हो गया,  अब हरि की उम्र तकरीबन 20 साल थी | पूरी ...

रामधन की कहानी !!

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रामधन की कहानी !! प्रणाम,                यह कहानी है रामधन और उसकी पत्नी संगीता की है| सर्दी के दिन थे ।  गांव में बीमारी का मौसम था । गांव में बीमारी इस तरह फैली थी कि हर कोई अपना बोरिया बिस्तर पकड़ के जहां मिले वहां पर अपना डेरा संभाल लेता| कई लोगों को मजबूरी में गांव छोड़ना पड़ा |उसी बीमारी की चपेट में रामधन और उसकी पत्नी संगीता भी आए थे|उनका घर तो पहले से ही टूटा था,  सभी को देखते हुए रामधन और उसकी पत्नी ने भी फैसला कर लिया कि वह भी गांव छोड़कर कहीं और जाएंगे पर अपना डेरा बसाएंगे| काफी लंबा सफर तकरीबन 4 दिन तक चलते-चलते रामधन और उसकी पत्नी एक ऐसी जगह ठहरे जहां एक नदी बहती थी और काफी बड़ा जंगल था, जंगल के कारण वहां पर कोई रास्ता नहीं था रुकने का । पर रामधन और उसकी पत्नी को कोई उपाय नहीं सुजा। उन्होंने वहां पर अपना डेरा बसा लिया। 2 दिन तक खाने का कुछ इंतजाम नहीं हो पाया नदी का पानी और जंगल के कुछ पेड़ पौधो से रामधन और उसकी पत्नी को अपना पेट भरना पड़ा|                       रहने के ...

Majdur gas Tanki vala!!

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गैस टंकी वाले मजदूर की  कहानी |    प्रणाम,                  मै आज आपके सामने एक गैस  टंकी वाले मजदूर की कहानी लेकर आया हूँ |हरि एक तहसील मे लोगो के घर-घर  गैस टंकी पोहचाने का काम करते है| उनके साथ उनके पत्नी और दो बच्चे है वे दोनों कॉलेज मे पढते  है |वे बहुत ही दयालु, खुश मिजाज और मददगार इंसान है|तहसील मे सब उन्हें टंकी वाले भैया के नाम से जानते है |                 टंकी वाले भैया तहसील मे गैस टंकी लोगो के घर पोह्चाते है जिससे लोगो के घर मे उनका चुहला बंद ना हो लेकिन कुछ लोग उनके इस कार्य के लिए सही से उनकी मेहनत का वेतन नहीं देते हैं फिर भी वह  बिना किसी दिक्कत के इतने रुपए ले लेते हैं जितने भी देते हैं और आगे काम के लिए बढ़ जाते हैं| वे यह सोचकर काम करते हैं ताकि किसी के घर कोई भूखा ना रहे जाए|               मैं बस यही कहना चाहता हूं कि जिस प्रकार वे दूसरों के घर के बारे में सोचते हैं ठीक उसी प्रकार हमें भी उनके घर के बारे में सोचना...

Ek majdur ki kahani!!

एक मजदूर  की काहनी!  मोहन रावत द्वारा    प्रणाम,        मै  आपको गांव मे रहने वाले जुगल की कहानी   सुनाने जा रहा हु| जो की आंवला  (म.प्र।) भारत का  निवासी  है | जुगल अविवाहित है| वह दिल का सच्चा और नैक लड़का है| जो की बहुत मेहनती और कुशल भी है | जुगल मजदुरी करता और खुद के घर का पालन और देखभाल भी | मै आपके सामने उसकी सच्ची घाटना लेकर आया हूँ |               जुगल रोज के जेसे मजदुरी के लिए संतोष के साथ राम के घर जाता है और वही काम करता है |सुबह से दुपहर तक तो सही से काम चलता है फिर अचानक दुपहर के वकत काम करते-करते जुगल का पैंट फट जाता है | जो की सब के सामने हसीं का पात्र बन जाता  है| जिसे देख सभी काम करने वाले हसते है और उसका मज़ाक बनाते है|इसके कारण वह भी शर्म के कारण लज़्ज़ित महसूस करता है और  फिर वो मकान मालिक से सुई -धागा मांग कर पैंट को सीलता है और वापस से काम पर लग जाता है |                    अचानक वहाँ पर कही से नाग-न...